Category: Education

Dissertation-में-Research-Tool-के-Criteria-और-Dimensions-कैसे-Select-करें

Dissertation में Research Tool के Criteria और Dimensions कैसे Select करें?

एक शिक्षक का कक्षा-अनुभव और शोध की वैज्ञानिक प्रक्रिया आज M.Ed की कक्षा में विद्यार्थियों ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा— “मैम, जब हम Dissertation के लिए कोई Tool (मापन

B.Ed पाठ्यक्रम : भावी शिक्षकों के निर्माण की आधारशिला

“शिक्षा से परिवर्तन संभव है, परंतु एक अच्छा शिक्षक सब कुछ परिवर्तित कर सकता है।” उपरोक्त पंक्तियां शिक्षकों पर पूर्णतया सटीक है क्योंकि शिक्षक ही समाज निर्माण व समाज परिवर्तन

स्कूल स्टूडेंट्स के लिए करियर काउंसलिंग क्यों जरूरी

स्कूल स्टूडेंट्स के लिए करियर काउंसलिंग क्यों जरूरी?

हाल ही में जयपुर शहर के कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों के विद्यार्थियों से मुझे मिलने का अवसर मिला। बातचीत के दौरान मैंने उनसे उनके फ्यूचर गोल्स के बारे में जानकारी लेनी

विद्यालय एवं महाविद्यालय में नैतिक शिक्षा का महत्व

विद्यालय एवं महाविद्यालय में नैतिक शिक्षा का महत्व

वर्तमान युग प्रतिस्पर्धा और तकनीकी प्रधान युग है। इस युग में शिक्षक का उद्देश्य सिर्फ डिग्री प्राप्त करना और रोजगार हासिल करना ही नहीं रह गया है, इसके अलावा एक

छात्रों के जीवन में नैतिक मूल्यों का महत्व वर्तमान परिपेक्ष में

छात्रों के जीवन में नैतिक मूल्यों का महत्व : वर्तमान परिपेक्ष में

वर्तमान समय में हम अक्सर यह सवाल सुनते हैं – क्या अच्छे अंक लाना ही सफल जीवन की पहचान है? इस प्रश्न का उत्तर है नहीं। जीवन में सफल होना

संवेग स्थाई भाव और चरित्र

संवेग स्थाई भाव और चरित्र

संवेग संपूर्ण जीवन का तीव्र उपद्रव है तथा यह एक मानसिक अवस्था है। यह एकदम से उत्पन्न होती है, जिसमें अनुभूति और गत्यात्मक तत्परता होती है। इसके अंतर्गत मनुष्य के

जीवन का महत्व- प्रेरणादायक कहानी

परिचय: जीवन एक अनमोल उपहार है, जिसे ईश्वर ने हमें दिया है। इस जीवन का हर क्षण मूल्यवान है, लेकिन अक्सर लोग इसे पैसे और भौतिक वस्तुओं को कमाने में

भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) के संदर्भ में जैन दर्शन और शिक्षा

भारत की ज्ञान परंपरा सदियों से केवल बौद्धिक विकास तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसने मानव के चरित्र, जीवन-मूल्य और आत्मिक उत्थान पर भी बल दिया। इसी क्रम में जैन

अवलोकन (Observation) जीवन को समझने की कला

अवलोकन व्यक्ति के व्यवहार के मापन की अत्यन्त प्रचीन विधि है। व्यक्ति अपने आस-पास घटित होने वाली क्रियाओं तथा घटनाओं का अवलोकन करते रहते हैं। मापन के एक उदाहरण के