Category: Education

सामाजिक अधिगम में समाज की भूमिका बाल विकास और शिक्षा पर प्रभाव

सामाजिक अधिगम में समाज की भूमिका: बाल विकास और शिक्षा पर प्रभाव

सामाजिक अधिगम: एक सामाजिक प्रक्रिया है। सामाजिक ज्ञान का अर्जन सामाजिक अन्तःक्रिया के सन्दर्भ में तथा इसके परिणामस्वरूप होता है। सामाजिक माध्यमों में अनेक अवसर आते हैं, जब बालक को

राजस्थान और गौरवमयी सांस्कृतिक विरासत

राजस्थान और गौरवमयी सांस्कृतिक विरासत

“गढ़ तो चित्तौड़गढ़, बाकी सब गढ़ैया हैं” यह पंक्ति सुनते ही हमें एहसास होता है, राजपूताने के गौरवशाली इतिहास का जहां पन्नाधाय सी मां, रानी पद्मिनी सी ज्वाला, हाड़ी रानी

संघर्ष सफलता की सीढ़ी

संघर्ष सफलता की सीढ़ी

प्रत्येक चीज की एक कीमत होती है और सफलता की कीमत संघर्ष है। जब आप दर्द और संघर्ष को जीवन प्रक्रिया का हिस्सा मान लेते तो संघर्ष जीवन का साथी

स्क्रीनिंग का बालकों के विकास पर प्रभाव

स्क्रीनिंग का बालकों के विकास पर प्रभाव

आज के दौर में सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक का उपयोग अत्यधिक बढ़ गया है। मोबाइल फोन, टेलीविजन, कंप्यूटर आदि ऐसे माध्यम हैं जो आज के बच्चों को बहुत आसानी

नव सृजन एक कदम परिवर्तन की ओर

नव सृजन: एक कदम परिवर्तन की ओर

भारतीय परंपरा में होलिका दहन केवल असत्य पर सत्य की विजय का उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक गहन आंतरिक प्रक्रिया का प्रतीक है, जिसमें अग्नि एक अद्वितीय शक्ति के

भारत में क्षेत्रीय रूढ़िवादिता एवं पूर्वाग्रह

भारत में क्षेत्रीय रूढ़िवादिता एवं पूर्वाग्रह (Regional Stereotypes and Prejudices in India)

भारत में क्षेत्रीय संगति क्षेत्रवाद अथवा प्रदेशिकता की समस्या के रूप में उभर कर सामने आती है। संगति भारत के कार्य राष्ट्र निर्माण में अवरोध तत्व है; क्षेत्रवाद इसका रूप

Women in Science:The Untold Story

A few days ago, I got the opportunity to deliver a lecture on the occasion of Science Day. The topic for the same was women in science because this year

मूल्य शिक्षा में इतिहास की भूमिका अतीत से वर्तमान को दिशा

मूल्य शिक्षा में इतिहास की भूमिका: अतीत से वर्तमान को दिशा

व्यक्ति जिस समाज में रहता है, उसमें मूल्य महत्वपूर्ण व अमूल्य होते हैं। मूल्य हमें जीवन में उचित एवं अनुचित का ज्ञान कराते हैं। मूल्य से व्यक्ति के चिंतन, भावनाएं

नारी जीवन की श्रेष्ठता

नारी जीवन की श्रेष्ठता

भारतीय समाज में जन्म से मृत्यु तक जितनी भी अवस्थाएं हैं सभी में स्त्री का पूजनीय व महत्वपूर्ण स्थान है। प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाए जाने वाले महिला दिवस का