Author: aditya
अनुशासन : एक सफल और संतुलित जीवन की आधारशिला
आज के आधुनिक और प्रतिस्पर्धात्मक युग में हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहता है। हर छात्र चाहता है कि वह पढ़ाई में अच्छा करे, अपने लक्ष्य को
असफलता का भय: सफलता की राह में सबसे बड़ी बाधा
मनुष्य के जीवन में सफलता और असफलता दोनों ही स्वाभाविक प्रक्रियाएँ हैं। जीवन की यात्रा में हर व्यक्ति को कभी न कभी असफलता का सामना करना पड़ता है। लेकिन कई
परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन की आकांक्षा
वर्तमान भारतीय समाज एक संक्रमणकाल से गुजर रहा है, जहाँ परंपरा और आधुनिकता के बीच निरंतर संवाद, संघर्ष और समन्वय की प्रक्रिया चल रही है। एक ओर हमारी समृद्ध सांस्कृतिक
Erasure of Self-Identification: A New Frontier in Gender Justice in India
In a changing legal paradigm in India, our very notion of who we are, and who we are allowed to be, is in a state of radical and unprecedented change.
अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया है
मनुष्य जन्म से ही सीखने की प्रक्रिया में प्रवेश कर जाता है। यह सीखना केवल किताबों या कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि हमारे आसपास का पूरा समाज हमें निरंतर
सामाजिक अधिगम में समाज की भूमिका: बाल विकास और शिक्षा पर प्रभाव
सामाजिक अधिगम: एक सामाजिक प्रक्रिया है। सामाजिक ज्ञान का अर्जन सामाजिक अन्तःक्रिया के सन्दर्भ में तथा इसके परिणामस्वरूप होता है। सामाजिक माध्यमों में अनेक अवसर आते हैं, जब बालक को
From Vision to Reality: Road To Education@2047
Introduction The United Nations’ SDG 4 is concerned with inclusive and equitable quality education, and promotion of lifelong learning for young and adults by 2030. Education is one of the
Teacher : A Guide,Mentor and a Motherly Figure
What makes a teacher unforgettable? Is it the knowledge they impart or the warmth they create to build students’ lives? Understanding the Meaning of Teacher Let’s start this blog with
राजस्थान और गौरवमयी सांस्कृतिक विरासत
“गढ़ तो चित्तौड़गढ़, बाकी सब गढ़ैया हैं” यह पंक्ति सुनते ही हमें एहसास होता है, राजपूताने के गौरवशाली इतिहास का जहां पन्नाधाय सी मां, रानी पद्मिनी सी ज्वाला, हाड़ी रानी