यह पंक्ति सुनते ही हमें एहसास होता है, राजपूताने के गौरवशाली इतिहास का जहां पन्नाधाय सी मां, रानी पद्मिनी सी ज्वाला, हाड़ी रानी का त्याग और महाराणा प्रताप का स्वाभिमान हमें अंतस तक झकझोर देता है!
चित्तौड़ का गर्वीला इतिहास हमें शूरवीरों के त्याग, वीरता और स्वाभिमान की कई गाथाएं बताता है!
यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में दर्ज यह किला राणा कुंभा की वृहत भारत की विस्तार नीति के प्रतीक विजय स्तंभ, अलाउद्दीन खिलजी के सन 1303 ई के आक्रमण और रानी पद्मिनी तथा वीर सरदारों की स्त्रियों के जौहर, बहादुर शाह के आक्रमण और 1567 ईस्वी में रानी कर्णावती के जौहर की ज्वाला से हमें तप्त कर देता है!
वह क्या अद्भुत करने वाले क्षण रहे होंगे जब इन वीरांगना रानियाों ने जौहर की ज्वाला में अपने को भस्म कर लिया था परंतु आतताईयों को खुद को स्पर्श भी नहीं करने दिया!
महाराणा प्रताप जैसी योद्धा, जो वर्षों तक मेवाड़ के जंगलों में घास की बनी रोटी खाकर भटकते रहे परंतु अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की! हल्दीघाटी का युद्ध मेवाड़ के अनेक वीरों की शौर्य गाथा सुनाता है, जिनमें जयमल और पत्ता जैसी रन बांकुरे शामिल हैं!
राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत
यहां के किले, महल, हवेलियां और बावड़ियां अपने भव्यशिल्प को दर्शाते हैं! मेहरानगढ़, सोनार दुर्ग, आमेर जैसे महल और चांद बावड़ी का अपना ही महत्व है! झीलों की नगरी उदयपुर में फतेहसागर और राजसमंद झील सैलानियों को लुभाती है यहां की रंग बिरंगी वेशभूषा और पारंपरिक गहने इसे रंगीला राजस्थान बनाते हैं!
यहां का लोक संगीत विविधता लिए है जिसे बियानी गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं अपने रंगारंग कार्यक्रम में इतनी खूबसूरती से प्रस्तुत करती हैं कि दर्शक उनके नृत्य देखकर भाव विभोर हो जाते हैं! केसरिया बालम लोक संगीत गाकर पावनो को आमंत्रित किया जाता है!
राजस्थानी व्यंजन दाल- बाटी चूरमा, केर- सांगरी, गट्टे की सब्जी, बाजरे का खिचड़ा, एलोवेरा और किशमिश की शाही सब्जी दूर-दूर तक प्रसिद्ध है!
कला, वीरता, अतिथि सत्कार परंपरा और उत्सवों का सुंदर मिश्रण है यहां की अलबेली संस्कृति!
तभी तो कभी कन्हैया लाल सेठिया ने लिखा है-
“आ तो सुरगा ने शर्मावे, ईपै देव रमन ने आवे,
ईको जस नर- नारी गावे, धरती धोरा रीं!”
महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर
Q.1. रानी पद्मिनी ने जौहर किस किले में किया था?
Ans. चित्तौड़ के किले में
Q.2. हल्दीघाटी का युद्ध किसके मध्य हुआ था?
Ans. महाराणा प्रताप और मुगल बादशाह अकबर के मध्य
Q.3. राजस्थान का प्रसिद्ध लोकगीत कौन सा है?
Ans. केसरिया बालम
ब्लॉग लेखन :
श्रीमती मालती सक्सेना
सहायक प्राध्यापक, शिक्षा विभाग
बियानी गर्ल्स बी.एड. कॉलेज, जयपुर