संवेग स्थाई भाव और चरित्र February 27, 2026 संवेग संपूर्ण जीवन का तीव्र उपद्रव है तथा यह एक मानसिक अवस्था है। यह एकदम से उत्पन्न होती है, जिसमें अनुभूति और गत्यात्मक तत्परता होती है। इसके अंतर्गत मनुष्य के