शिक्षण में नवीन नवाचारी विधियां

वर्तमान समय तकनीकी युग है ।तकनीकी युग में व्यक्तियों की सोच क्रिया प्रणाली वह कार्य प्रणालियों में अंतर आया है। बदलते इस युग में शिक्षा प्रणाली में बहुत अधिक बदलाव आया है। वर्तमान में आज का छात्र मोबाइल से खेलता है, मोबाइल की भाषा को समझता है ।इसलिए वर्तमान में शिक्षक को पढ़ाने के तरीकों में भी इस तरह की तकनीकी विधियो का प्रयोग करना होगा। नवीन नवाचारी विधियां नवीन विधियां वे तरिके होते हैं जो पढ़ाने की पुरानी पद्धतियों से हटकर नई रोचक और तकनीकी आधारित तरीकों को अपनाकर बच्चों को पढ़ाया जाता हैं जिससे कि बच्चों के सीखने को प्रभावी बनाया जा सके।

प्रमुख नवीन शिक्षण विधियां

गतिविधि आधारित शिक्षण (activity based Learning ) गतिविधि आधारित से तात्पर्य है बच्चा स्वयं किसी कार्य को करके सीखें ।इस विधि का मतलब होता है बच्चा अपने ज्ञान का निर्माता स्वयं होता है ।शिक्षक एक सुविधा कता के रूप में अपनी भूमिका निभाते हैं। इस विधि में छात्र किताबों से न पढ़कर गतिविधियों के माध्यम से सीखते हैं । बच्चे विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से सीखते हैं ।बच्चे विभिन्न प्रकार की गतिविधियों जिनमे प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग प्रोजेक्ट मेथड ,रोल प्ले, पैनल चर्चा आदि विभिन्न प्रोग्राम के माध्यम से ज्ञान को सिखते हैं। इस प्रकार के मेथड में विद्यार्थी सक्रिय होकर भाग लेते हैं तथा वास्तविक ज्ञान से जुड़ता है जैसे गिनती सीखने के लिए ज्ञान या वस्तुओं का प्रयोग करना। इस प्रकार की गतिविधियों से बालकों में आत्मविश्वास कर समस्या समाधान क्षमता मजबूत होती है बालक लंबे समय तक विषय वस्तु को याद रखते है

Fliped the Classroom : फ्लिप्ड क्लासरूम एक ऐसी शिक्षा पद्धति है जिसमें बालक घर में पढ़ाई करते हैं और फिर प्राप्त ज्ञान का प्रयोग स्कूल में कक्षा कक्ष में करते हैं किस प्रणाली में पारंपरिक कक्षा में पढ़ना है घर पर होमवर्क करना की प्रक्रिया उलट दी जाती है इसमें बच्चा घर पर स्वयं नोट्स स्वाध्याय डिजिटल सामग्री वीडियो लेक्चर के माध्यम से सीख कर कक्षा में आकर चर्चा समस्या समाधान एवं प्रोजेक्ट बेस्ड कार्य करते हैं इस क्षण में भी छात्र सक्रिय भूमिका निभाते हैं कक्षा में विषय वस्तु पर चर्चा करते हैं जिससे छात्रा जिस छात्र में अंतर क्रिया बढ़ती है तथा आपस में सहयोग की भावना विकसित होती है इस प्रकार की प्रक्रिया में छात्र गहराई से समझते हैं और समूह में कार्य करने से टीमवर्क भी बढ़ता है फ्लिप द क्लासरूम वर्तमान तकनीकी युग में प्रभावी शिक्षण पद्धति है जो शिक्षा को अधिक रोचक सक्रिय और छात्र केंद्रित बनती है

स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल क्लासेस

वर्तमान की इस तकनीकी युग में शिक्षा में भी बड़ा बदलाव आया है पारंपरिक ब्लैक बोर्ड और चौक की जगह स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल क्लास ने ली है स्मार्ट क्लास एक ऐसी कक्षा होती है जहां डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके पढ़ाया जाता है जैसे स्मार्ट बोर्ड कंप्यूटर लैपटॉप प्रोजेक्ट ।डिजिटल क्लास का अर्थ है ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कारण इसमें छात्र कहीं भी इंटरनेट के माध्यम से पढ़ सकते हैं जैसे Live online class Recorded video lecturer E_Learning platform

ब्लेंडेड टीचिंग(Blended Teaching): शिक्षा प्रणाली में निरंतर प्रणाली परिवर्तन और तकनीकी प्रगति के कारण पारंपरिक शिक्षक पद्धतियां पर्याप्त नहीं रही तकनीकी शिक्षा में इस युग के विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षण में एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता महसूस की गई इसी संदर्भ में ब्लैडेट टीचिंग या मिश्रित शिक्षण प्रणाली एक व्यापक रूप में उभरी है इस प्रणाली में पारंपरिक शिक्षा प्रणाली एवं ऑनलाइन शिक्षण को एक को एकीकृत करता है यह मॉडल सीखने की प्रभावशीलता को बढ़ाता है


ब्लॉग लेखन :
विनीता शर्मा
सहायक आचार्या, शिक्षा विभाग
बियानी गर्ल्स बी.एड.कॉलेज, जयपुर

डाल्टन पद्धति का महत्व -आज के शिक्षा तंत्र में इसकी भूमिका

आज की शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह जीवन जीने की कला सिखाने का माध्यम बन चुकी है। जब मैं वर्तमान शिक्षा प्रणाली को देखती